रिश्ता

न जाने कैसा रिश्ता है हमारे दरमियान,
रूठू मैं चाहे सौ दफ़ा उनसे हर बार मना लेते है वो,
हम लाख ग़लतियां करे
फिर भी मुझे अपना दोस्त मानते है वो
और हर बार मना लेते है वो
तो इस बार क्या क़त्ल करने का ईरादा है, जो अब तक एक जवाब तक नही दिया।

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पसंद

तुम सच में ऐसे हो
या एक्टिंग करते हो
इतनी अच्छी ?
पहले तो कभी ऐसे न थे,
वरना आज भी तुम हमारी
पसंद न होते।
या फिर
तुम भी
मौसम की तरह
बदल गये।।
या आदत है, बदलने की,
और रह रह कर तड़पाने की।।

कभी, मौसम के बिना होने वाली,

इस बारिश की वजह तो जानकार देखो,

तुम्हारे सिवा किसी और की तरफ उठती भी नहीं।

चाहत की दुनिया

लगा दी चाहतों की दुनिया में हमने भी आग ,
लेकिन लपटे अभी भी बाकी है।

रह रह कर उनकी याद दिलाती है,

क्या खोया क्या पाया,वो लम्हे याद दिलाती है।

वो खुशियां वो पल जो हमने साथ बिताए थे,

एक छोटी सी चिंगारी के साथ,

वो यादे फिर से लपटे बड़ा जाती है।

अब बची है तो केवल उन यादो की राख,

जो पल पल हमें बेचैन करती है।

और फिर से उसी पुरानी दुनिया में ले जाती है,

जहाँ से हमने शुरुआत की थी।

Miss U Always

बेखबर2

वो हमसे रूठकर,हमसे बेखबर है।
लेकिन हमें उनकी सब खबर है।।
कब वो हमें याद करके फिर से बेखबर होते है।
न चाहते हुए भी अपने आप को मुश्किल से रोककर रखते है।।
यादों को भुलाने की कोशिस में फिर से हमें याद करने की गलती कर बैठते है।।
और कहते है हम उनसे बेखबर और रूठे हुए है।
इसी बहाने बार बार फिर से याद किये जाते है
और हमें भुलाने का ढोंग किये जाते है।।
लेकिन उन्हें ये नही पता कि

प्यार करना आसान है लेकिन भुलाना नही।।