लोकतंत्र Vs राजतन्त्र

मंदिर, मस्जिद,गिरजाघरों के नाम पर लोगो को बांटकर उन पर राज करने वाले बुद्धिजीवीयों का है

ये राजतन्त्र जिसको लोकतंत्र की संज्ञा दी गई केवल लोगों को बहकाने के लीये।

धड़कन

काश मैं भी तुम्हारे दिल की धड़कन सुन पाता,

वो भी मेरे लिये धड़कती है कि नही।

एहसान

आज फिर उन्होंने हम पर एक एहसान कर दिया,
इस बेजान सी ज़िन्दगी में ख़ुशी के कुछ पल डाल दीये।
खता सब हमारी ही थी,
और खामखा दोष हम उनपर लगाते रहे।
शायद कमी कही हमारे प्यार में ही थी,
जो उन्हें हम अपना बना न सके।

नज़र

तुमसे कितने भी गिला शिकवा हो,

तुम्हारी नज़र पड़ते ही सब भूल जाता हूं मै।

पता नही क्यों इतनी बेशुमार ख़ुशी मिल जाती है,

केवल तुम्हारे एक नज़र मिला लेने से।

और तुम्हे एक नज़र मिलाने तक की फुर्सत नही,

क्या मिलता है तुम्हे यूँ बेरुखिया बढ़ाने से,

या आदत हो गई है किसी मासूम को तड़पाने की।